श्री योगी आदित्यनाथ

श्री योगी आदित्यनाथ

माननीय मुख्यमंत्री
उत्तर प्रदेश

डॉ महेंद्र सिंह

डॉ महेंद्र सिंह

माननीय कैबिनेट मंत्री
जल शक्ति, उत्तर प्रदेश

  • गंगा यात्रा (बिजनौर से कानपुर) का शुभारंभ बिजनौर में मध्यगंगा बैराज से मा ० मुख्यमंत्री उ प्र योगी आदित्यनाथ जी के करकमलों द्वारा अन्य गणमान्य लोगों की उपस्थिति में दिनांक २७-०१-२०२० को हुआ।
  • गंगा यात्रा (बलिया से कानपुर) का शुभारंभ बलिया के दूबेछपरा में राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल द्वारा श्री सुशील मोदी, उप मुख्यमंत्री बिहार, डॉ महेन्द्र सिंह, जलशक्ति मंत्री एवं अन्य गणमान्य लोगों की उ
  • गंगा यात्रा (बलिया से कानपुर) का शुभारंभ बलिया के दूबेछपरा में राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल द्वारा श्री सुशील मोदी, उप मुख्यमंत्री बिहार, डॉ महेन्द्र सिंह, जलशक्ति मंत्री एवं अन्य गणमान्य लोगों की उ
  • Flag off ceremony of Ganga Rath by Hon
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  • मा मंत्री डॉ महेन्द्र सिंह, जलशक्ति मंत्रालय द्वारा वृहद स्तर पर सभी नहरों में चलाए जा रहे सिल्टसफाई कार्य की दिनांक २७.१२.२०१९ को  मुख्यालय पर समीक्षा बैठक कर समस्त कार्यों को समयबद्धता, गुणवत्ता के
  • मा मंत्री डॉ महेन्द्र सिंह, जलशक्ति मंत्रालय द्वारा वृहद स्तर पर सभी नहरों में चलाए जा रहे सिल्टसफाई कार्य की दिनांक २७.१२.२०१९ को  मुख्यालय पर समीक्षा बैठक कर समस्त कार्यों को समयबद्धता, गुणवत्ता के
  • माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश द्वारा दिनांक २.११.२०१९ को बाढ़ नियंत्रण व बचाव से सम्बन्धित परियोजनाओं को  पारदर्शिता के साथ समयबद्ध ढंग से पूर्ण किया जाने हेतु निर्देशित किया गया।
  • बाराबंकी में मजीठा माईनर नहर की सिल्ट्सफाई कार्य का दिनांक  01.12.2019 को डॉ महेन्द्र सिंह मा मंत्री जलशक्ति मंत्रालय जन प्रतिनिधियों के साथ शुभारंभ करते हुए।
  • बाराबंकी में मजीठा माईनर नहर की सिल्ट्सफाई कार्य का दिनांक  01.12.2019 को डॉ महेन्द्र सिंह मा मंत्री जलशक्ति मंत्रालय जन प्रतिनिधियों के साथ शुभारंभ करते हुए।
  • बाराबंकी में मजीठा माईनर नहर की सिल्ट्सफाई कार्य का दिनांक  1.12.2019 को डॉ महेन्द्र सिंह मा मंत्री जलशक्ति मंत्रालय जन प्रतिनिधियों के साथ शुभारंभ करते हुए।
  • माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश श्री योगी आदित्य नाथ जी के कर कमलों द्वारा नव चयनित सहायक अभियंताओं को प्रमाण पत्र वितरण समारोह दिनांक 2.11.2019 को लोक भवन सभागार में संपन्न हुआ।
  • माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश श्री योगी आदित्य नाथ जी के कर कमलों द्वारा नव चयनित सहायक अभियंताओं का समारोह दिनांक 2.11.2019 को लोक भवन सभागार में संपन्न हुआ।
  • माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश श्री योगी आदित्य नाथ जी  नव चयनित सहायक अभियंताओं को आशीर्वचन देते हुए।
  • माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश श्री योगी आदित्य नाथ जी के साथ नव चयनित सहायक अभियंताओं की ग्रुप फोटो।
  • डॉ राम मनोहर लोहिया परिकल्प भवन के सभागार में नव चयनित सहायक अभियंताओं द्वारा पदस्थापना हेतु जनपदवार विकल्प के चयन प्रक्रिया दिनांक १ नवंबर २०१९ को संपादित हुई।
  • माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ जी अयोध्या स्थित पंप हाउस में पंप स्टार्ट कर शुभारंभ करते हुए व राम की पैड़ी पर अविरल प्रवाह में आचमन करते हुए।
श्री बलदेव सिंह ओलख

श्री बलदेव सिंह ओलख

माननीय राज्यमंत्री
जल शक्ति, उत्तर प्रदेश

श्री विजय कश्यप

श्री विजय कश्यप

माननीय राज्यमंत्री
राजस्व, बाढ़ नियंत्रण
उत्तर प्रदेश

क्विक लिंक्स

हमारे बारे में

वेदों में जल संसाधनों यथा कुओं, नहरों एवं बॉंधों का उल्‍लेख अनेक स्‍थानों पर मिलता है। कूप (कुऑं), कवट (खोदकर बनाये गये गढढे) का उल्‍लेख ऋगवेद के कई स्‍थलों पर है। कुओं से पानी, पत्‍थर के बने चक्‍के (अश्‍मचक्र) से निकाला जाता था, जिसमें रस्सियों के सहारे जल भरने वाले कोष बँधे रहते थे। कूपों का उपयोग मनुष्‍यों तथा पशुओं के निमित्‍त जल निकालने के लिए ही नहीं किया जाता था, वरन् कभी-कभी इनसे सिंचाई भी की जाती थी। ऋगवेद में शब्‍द अवता का भी उल्‍लेख है जो कि कुएं का प्रतीक है एक अन्‍य रिचा में कुल्‍या शब्‍द भी आया है, जिसका तात्‍पर्य कृत्रिम नहर से है। यजुर्वेद में नहरों के खोदने के प्रसंग आये है। देवताओं के गुरु बृहस्‍पति ने भी कहा है कि बॉंधों एवं नहरों की मरम्‍मत पवित्र कार्य है। उनका उत्‍तरदायित्‍व राज्‍य के धनी लोगों का होना चाहिए। इससे स्‍पष्‍ट होता है कि भारत में प्राचीन काल से ही सिंचाई संसाधनों का उपयोग हो रहा है तथा इनका काफी महत्‍व रहा है।

3150 वर्ष ईसा पूर्व महाभार‍त काल में खेती की सिंचाई करने का उल्‍लेख अनेक ग्रन्‍थों में मिलता है इस संदर्भ में जब ऋषिराज नारद राजा युद्धिष्‍ठर से मिलने उनके राज्‍य में आते है, और उनसे पूछते है कि क्‍या आपके राज्‍य में किसान हृष्‍टपुष्‍ट एवं समृद्धशाली है? क्‍या जलाशय बृहद और पर्याप्‍त है तथा पानी से पूरी तरह हुए है एवं राज्‍य के विभिन्‍न भागों में पानी का वितरण हो रहा है? यह इस तथ्‍य का परिचायक है कि महाभारत काल में भी सिंचाई व्‍यवस्‍था की ओर पर्याप्‍त ध्‍यान दिया जाता था।

(यांत्रिक संगठन)

  • प्रदेश में चलित राजकीय नलकूपों की संख्या - 33,848
  • कुल चलित 33,848 राजकीय नलकूपों में से 24267 राजकीय नलकूप 1.5 क्यूसेक क्षमता के एवं शेष 9,581 राजकीय नलकूप 1.0 क्यूसेक क्षमता के है। प्रदेश में चलित राजकीय नलकूपों से 29.06 लाख हैक्टेयर सिंचन क्षमता सृजित है।
  • कुल चलित - 252 लघु डाल नहरों से 1.83 लाख हैक्टेयर सिंचन क्षमता सृजित है।
  • कुल 29 बृहद एवं मध्यम पम्प नहरें कार्यशील है। बृहद एवं मध्यम पम्प नहरों के शीर्ष कार्य यांत्रिक संगठन द्वारा एवं सींच दर्ज किये जाने का कार्य सिविल संगठन द्वारा किया जाता है।


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