बरेली

सिंचाई कार्यशाला, बरेली-संक्षिप्त परिचय


वर्ष-1948 में पंडित गोविन्द बल्लभ पंत, तत्कालीन प्रधान-मंत्री, संयुक्त प्रान्त द्वारा केन्द्रीय कृषि कार्यशाला, बरेली के रूप में लोकार्पण किया गया था। कालान्तर में यह सिंचाई कार्यशाला, बरेली में परिवर्तित होकर सिंचाई कार्यशाला मण्डल कानपुर के नियंत्रणाधीन कार्यरत हो गयी। यह कार्यशाला लगभग 17.5 एकड़ के विस्तृत क्षेत्र में फैली हुई है। इसमें 19 शेड स्थापित हैं। सिंचाई विभाग, उत्तर प्रदेश में विभिन्न बैराजों, बांधों एवं रेगूलेटरों के गेटों के जलयाॅंत्रिक संयंत्रों का निर्माण कार्यशाला में स्थापित लगभग 82 अदद मशीनों/उपकरणों की सहायता से निम्नलिखित शापों में किया जाता है।

फेब्रीकेशन शाप-प्रथम लेग, सुपरस्ट्रक्चर, बैलेन्स बाक्स, इम्वेडमेन्ट के फेब्रीकेशन का कार्य।
फेब्रीकेशन शाप-द्वितीय शटर, लेग, सुपरस्ट्रक्चर, बैलेन्स बाक्स, इम्वेडमेन्ट के फेब्रीकेशन का कार्य।
फेब्रीकेशन शाप-द्वितीय विस्तार शटर, लेग, सुपरस्ट्रक्चर, बैलेन्स बाक्स,इम्वेडमेन्ट के फेब्रीकेशन का कार्य।
मशीन शाप लिफ्टिगं मैकेनिज्म का निर्माण एवं एसेम्बली कार्य।
फिटिंग शाप लिफ्टिगं मैकेनिज्म के विन्च बाक्स की एसेम्बली इत्यादि का कार्य।
स्मिथी शाप लेग बोल्ट, शेप साकिट बनाने एवं रस्सा भरने तथा टेस्टिंग इत्यादि का कार्य।
फाउन्ड्री शाप ब्रांज अवयवों की ढलाई का कार्य।
कारपेन्ट्री शाप पैटर्न बनाने का कार्य।

इस कार्यशाला द्वारा सिंचाई विभाग, उत्तर प्रदेश के निम्नलिखित विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं के जल यांॅंत्रिक संयंत्रों का निर्माण किया गया है, जो आज भी सुचारू रूप से संचालित हो रही है।

1-नरोरा बैराज 8-नानक सागर बांध
2-नौगढ़ बांध 9-रसिन बांध
3-मूसाखंड बांध 10-कुरार बांध
4-चन्द्र प्रभा बांध 11-लहचूरा बांध
5-शारदा सागर चूका हैड 12-अदवा बैराज
6-गोकुल बैराज 13-कचनौदा बांध इत्यादि
7-गंगा बैराज, कानपुर  

विगत 20 वर्षों में इस कार्यशाला द्वारा विभिन्न परियोजनाओं के लगभग 600 अदद वृहद/मध्यम एवं लघु गेटों का निर्माण किया गया है।