संगठन के बारे में

सिंचाई कार्यशाला मण्डल,
लखनऊ के कार्यक्षेत्र का संक्षिप्त विवरण

मुख्य अभियन्ता (सज्जा एवं सामग्री) संगठन के अधीन इस मण्डल के अन्तर्गत चार सिंचाई कार्यशाला खण्ड, मेरठ, कानपुर, इलाहाबाद, गोखपुर कार्यशील है। सिंचाई कार्यशाला खण्ड, मेरठ वर्ष 1948 में स्थापित की गई थी, वर्ष 1952 से इसका नियंत्रण सिंचाई विभाग के अधीन हो गया। वर्ष 1970-71 से सिंचाई कार्यशाला खण्ड, कानपुर का नियंत्रण विभाग के अधीन हो गया। सिंचाई कार्यशाला खण्ड, इलाहाबाद एवं गोरखपुर की स्थापना वर्ष 1983-84 में की गई थी।

यह कार्यशालायें फैक्ट्री एक्ट 1948 के अन्तर्गत पंजीकृत है, इनमें कार्यरत श्रमिक औद्योगिक अधिष्ठान के अन्तर्गत आते है, इन श्रमिकों पर श्रमिक एक्ट लागू होते है। इनकी सेवायें इण्डस्ट्रियल इम्प्लायमेण्ट (स्टैडिंग आर्डर्स) एक्ट, 1946 एवं प्रदेश सरकार द्वारा जारी उ0प्र0, इण्डस्ट्रियल इम्प्लायमेन्ट माडल स्टैडिंग आर्डर्स 1991 जो दिनांक 24.07.1992 से प्रभावी है, द्वारा आच्छादित हैं इन कार्यशालाओं में श्रमिकों के कुल 546 पद स्वीकृत है सभी कार्यशालायें आई0एस0ओ0 9001-2008 प्रमाणित हैं। कार्यशालाओं द्वारा मुख्यतयः निम्न कार्य सम्पादित किये जाते है:-

  • प्रदेश में स्थापित 32047 राजकीय नलकूपों के अनुरक्षण एवं परिचालन हेतु कलपुर्जों का निर्माण एवं समय से इनकी उपलब्धता सुनिश्चित कराना।
  • प्रदेश में स्थापित किये जाने वाले नवीन राजकीय नलकूपों हेतु हार्डवेयर का निर्माण एवं समय से इनकी उपलब्धता सुनिश्चित कराना।
  • लिफ्ट नहरों हेतु आवश्यक विभिन्न साइज के एम0एस0 पाइपों एवं वार्जाें तथा पैण्टूनों का निर्माण।
  • सिविल संगठन की वांछनानुसार राजकीय नहरों हेतु छोटे गेटों का निर्माण एवं स्थापना का कार्य।

महेन्द्र सिंह
अधीक्षण अभियन्ता