संगठन के बारे में

उत्तर प्रदेश सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, द्वारा सूचना प्रणाली संगठन की स्थापना का मुख्य उद्देश्य “प्रबंधन सूचना प्रणाली के संगठनात्मक ढांचे के विस्तार हेतु एमआईएस का यूपीआईडी में सही तरीके से कार्यान्वयन करना है। एमआईएस की प्रमुख जिम्मेदारी आईएसओ की योजना, डिजाइन, अनुभूति, कार्यान्वयन एवं मूल्यांकन करना है, जिससे हितधारकों के जरूरतों को पूरा किया जा सके। एक प्रभावशाली आईएसओ ही सफल एमआईएस के कार्यान्वयन का पूर्व अपेक्षित रूप है। प्रशिक्षित व्यक्तियों को उनकी विशेषज्ञता के क्षेत्र में उपयोग किया जाना चाहिए। ट्रेनिंग का मुख्य उद्देश्य यूपीआईडी की ज़रूरतों पर होना चाहिए। उत्तर प्रदेश जल विभाग पुर्ननिर्माण योजना के तहत सभी कार्यालयों को कम्प्यूटरीकरण करने के लिए विश्व बैंक के निर्देशों के अनुसार टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज़ को परामर्श हेतु चुना गया है। कम्प्यूटरीकरण आई.एस.ओ में विभिन्न समझौतों पर काम करता है जिसकी शुरुआत परियोजना घटक सी1-समेकन एवं सिंचाई विभाग के संवर्धन उत्तर प्रदेश जल सेक्टर पुर्ननिर्माण परियोजना फेज़- II यूपीआईडी के आधुनिकरण एवं क्षमता बढ़ाने हेतु जुलाई 2012 में हुई थी।

इस परियोजना के तहत कम्प्यूटीकरण के निम्न कार्य किए गए हैं :

  • 1000 डेस्कटॉप कम्प्यूटर, प्रिंटर, यूपीएस की यूपीडब्लयूएसआरपी फेज़-1 में खरीद।
  • डाटा सेंटर, एमआईएस एप्लीकेशन, वेब पोर्टल एवं मेंल मैसेजिंग सेवा में सुधार।
  • आईटी पेशेवरों की भर्तियां।
  • 500 लैपटॉप, 900 डेस्कटॉप कम्प्यूटर, 100 ऑटोकैड, 40 कलर प्रिंटर, 600 लेज़र प्रिंटर, 260 मल्टिफंक्शन प्रिंटर, 20 प्लॉटर, 1000 यूपीएस, केवीए यूपीएस की खरीद।
  • नियंत्रण एवं कमान केंद्र का एवं वीडियो कॉन्फ्रेसिंग प्रणाली का विकास।
  • माननीय सिंचाई मंत्री के कैम्प में 4 एमबीपीएस की, प्रमुख सचिव के कैम्प मे 10 एमबीपीएस की, 4 एमबीपीएस की ई-इन-सी कार्यालय में, 10 एमबीपीएस नियंत्रण एवं कमान केंद्र में तथा 20 एमबीपीएस डेटा केंद्र में इंटरनेट सेवा का प्रावधान।