संगठन के बारे में

निचली गंगा नहर प्रणाली

हरिद्वार में गंगा नदी पर वर्ष 1854 में भीमगोड़ा हैडवक्र्स बनाकर ऊपर गंगा नहर से पश्चिमी उत्तर प्रदेष के साथ-साथ जनपद कानपुर तथा फतेहपुर के कुछ भाग में कानपुर शाखा एवं इटावा शाखा से सिंचाई सुविधा प्रदान की गई। वर्ष 1866 के अकाल के बाद कानपुर से नीचे के जनपदों को भी सिंचाई सुविधा प्रदान करने की आवश्यकता हुई। इसकी पूर्ति हेतु नरौरा जनपद बुलन्दशहर में गंगा नदी पर एक डायवर्जन वीयर 1878 में बनाकर फर्रूखाबाद शाखा एवं भोगनीपुर शाखा का निर्माण करते हुये कानपुर शाखा की पुर्नस्थापना की गई तथा इस नहर प्रणाली को निचली गंगा नहर प्रणाली के नाम से जाना गया। इस नहर प्रणाली की उक्त पाचों शाखाओं से जनपद एटा] कासगंज] मैनपुरी फिरोजाबाद] फर्रूखाबाद] कन्नौज] इटावा औरैया] कानपुर देहात] कानपुर नगर] फतेहपुर एवं कौशाम्बी में सिंचाई सुविधा प्रदान की गई।

इसी बीच रामगंगा बहुउद्देशीय योजना प्रारम्भ हुई। इससे प्राप्त जल को निचली गंगा नहर प्रणाली की नहरों मं उपभाग करने हेतु वर्ष 1961 में नरौरा पर नरौरा वीयर के स्थान पर नरौरा बैराज का निर्माण कराने का निर्णय लिया गया। यह वर्ष 1968 में बनकर पूर्ण हुआ। रामगंगा परियाजनाक का कार्य पूर्ण हाने पर वर्ष 1978 से नहर प्रणाली को निचली गंगा नहर की क्षमता के अनुरूप 8500 क्यूसेक जल प्राप्त होने लगा।

वर्ष 1982 में समानान्तर निचली गंगा नहर योजना पूर्ण होने पर इस प्रणाली को समानान्तर निचली गंगा नहर के माध्यम से 4200 क्यूसेक अतिरिक्त जल अर्थात् कुल 12700 क्यूसेक जल खरीफ फसली में प्राप्त होने लगा तथा 11.64 लाख हेक्टेयर कृषि सयोग्य क्षेत्रफल में सृजित सिंचन क्षमता खरीफ में 34 प्रतिशत से बढ़कर 41.50 प्रतिशत हो गई। इस प्रकार निचली गंगा नहर प्रणाली की सिंचन क्षमता बढ़ाने हेतु वर्ष 1978-79 में पश्चिमी इलाहाबाद शाखा का निर्माण कि गया ।

निचली गंगा नगर के कमाण्ड क्षेत्र में जनपद फतेहपुर एवं कौशम्बी मंे सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने हेतु दो पम्प नहर किशनपुर पम्प नहर एवं जरौली पम्प नहर प्रत्येक 420 क्यूसेक क्षमता निर्मित है। प्रत्येक पम्प नहर में 60 क्यूसेक क्षमता के 07 पम्प] एक पम्प स्टेण्डबाई स्थापित है। किशनपुर पम्प नहर यमुना नदी के बायें तट पर किशनपुर गांव के पास निर्मित है। इस पम्प नहर प्रणाली की कुल लम्बाई 264.770 कि0मी0 फीडर चैनल के माध्यम से फतेहपुर शाखा के कि0मी0 116.000 पर टेल भाग को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने हेतु मिलाई गई है। उक्त दोनो पम्प नहरां के निर्माण के उपरान्त भी जनपद कौशाम्बी एवं फतेहपुर में समुचित सिंचाई सुविधा उपलब्ध नहीं हो पा रही है। अतः जनपद फतेहपुर में भिटौरा विकास खण्ड के अन्तर्गत गंगा नदी पर भिटौरा विकास खण्ड के अन्तर्गत गंगा नदी पर भिटौरा पम्प नहर की 400 क्यूसेक क्षमता वृद्धि की परियोजना प्रस्तावित की गई है, जो केन्द्रीय जल आयोग नई दिल्ली में परीक्षणाधीन है।

संगठन के अन्तर्गत जनपद मैनपुरी के विकास खण्ड बरनाहल, जनपद फिरोजबाद में विकास खण्ड शेखपुर हथवन्त] खेरगढ़ तथा जनपद कन्नौज में विकास खण्ड तालग्राम एवं जलालाबाद डार्कजान में है। इन क्षेत्रो हेतु विकास खण्ड बरनाहल हेतु बरनाहल नवीन नहर परियोजना बदनपुर नई नहर के विस्तारीकरण विकास खण्ड शेखपुर हथवन्त] खेरगढ़ में सिंचाई हेतु एवं जनपद फिरोजाबाद में पेयजल हेतु जसराना नवीनी नहर परियोजना तथा विकास खण्ड तालग्राम एवं जलालाबाद हेतु तालग्राम नवीन नहर परियोजना निर्माणाधीन है।