प्रथम चरण (पूर्ण)

उत्तर प्रदेश वाटर सेक्टर रीस्ट्रक्चरिंग परियोजना

  • उ0प्र0 राज्य जल नीति वर्ष1999 को लागू करने के दृश्टिकोण से उत्तर प्रदेश वाटर सेक्टर रिस्ट्रक्चरिंग परियोजना प्रस्तावित की गयी। ‘‘वाटर सेक्टर’’ के पुनर्गठन हेतु परियोजना विश्व बैंक के सहयोग से चार चरणों में किए जाने पर मार्च 2002 में सहमति हुई।
  • इस परियोजना में प्रदेश में शीर्ष जल संस्थाओं- जल निर्धारण एवं सुधार संस्था तथा जल अभिकरणों की स्थापना, सिंचाई विभाग का आधुनिकीकरण/कम्प्यूटरीकृत करने, सिंचाई समादेश क्षेत्र की नहर प्रणालियों का पुनरोद्धार, नालों का पुनरोद्धार, जल उपभोक्ता समितियों एवं जल प्रबन्धन को प्रभावी बनाने, जल का समेकित, ईष्टतम् उपयोग, कृषि सघनीकरण एवं विविधीकरण एवं कृषि उत्पादन बढ़ाने हेतु समुचित प्रशिक्षण एवं प्रबन्धन कर अन्ततः पैदावार तथा कृषकों की आय में वृद्धि का उद्देष्य है।

उत्तर प्रदेश वाटर सेक्टर रीस्ट्रक्चरिंग परियोजना प्रथम चरण-

  • उ0प्र0 जल प्रक्षेत्र पुनर्गठन परियोजना (यू0पी0डब्लू0एस0आर0पी0) प्रथम चरण हेतु 117 मिलियन SDR जो कि US$ 149.2  मिलियन के समतुल्य था, क्रेडिट International Developent Association (IDA) द्वारा ¼Credit no. 3602 IN½ स्वीकृत किया गया।
  • उत्तर प्रदेश वाटर सेक्टर रीस्ट्रक्चरिंग परियोजना हेतु निर्धारित कुल चार चरणों में से परियोजना का प्रथम चरण लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, सुल्तानपुर, अमेठी, प्रतापगढ़ एवं जौनपुर जनपदों में मुख्य रूप से नहरों एवं नालों का पुनरोद्धार/आधुनिकीकरण कार्य पूर्ण कराये गये है। मुख्य विवरण निम्न प्रकार हैः-
परियोजना प्रारम्भ की तिथि 27.03.2002
परियोजना समाप्ति की तिथि 31.10.2011
परियोजना की मूल लागत (वर्ष 2002) रू0 819.31 करोड़
परियोजना-प्रथम चरण में कुल व्यय रू0 735.82 करोड़
विश्व बैक से प्राप्त प्रतिपूर्ति रू0 587.64 करोड

भौतिक प्रगति-

  • इस परियोजना के अन्तर्गत सिंचाई एवं जल निकास क्षेत्र के विकास कार्यक्रम के अन्तर्गत घाघरा-गोमती समादेश क्षेत्र की हैदरगढ़ शाखा नहर (कि0मी0 22.980 तक) एवं जौनपुर शाखा (कुल लम्बाई 119.74 कि.मी.) नहर प्रणालियों तथा ड्रेनों के पुनरोद्धार के कार्य 3.43 लाख हेक्टेयर कृषि योग्य कमाण्ड क्षेत्र में क्रियान्वित किया गया। उक्त नहर प्रणालियों एवं डेनों में मुख्य रूप से मिट्टी के कार्य, पक्के कार्य, डकविल वियर, पैरलल माइनर, बैड प्रोफाइलर, आउटलेटस् आदि कार्य कराये गये।
  • जल प्रक्षेत्र में सुधार के उद्देष्य से शीर्ष जल संस्थाओं यथा- State Water Resources Agency (SWaRA), State Water Resources Data and Analysis Center (SWaRDAC), Uttar Pradesh Water Management and Regulatory Commission (UPWaMReC) एवं Jaunpur Branch Sub-basin Development and Management Board (JBSDMB) की स्थापना एवं क्रियाशील किया गया।
  • उत्तर प्रदेश वाटर मैनेजमेन्ट रेगुलेटरी कमीशन एक्ट लागू किया गया।
  • सहभागी सिंचाई प्रबन्धन अधिनियम, 2009 दिनांक 20 फरवरी 2009 को अधिसूचित हुआ। उ0प्र0 सहभागी सिंचाई प्रबन्धन अधिनियम 2009 के अन्तर्गत नियमावली की अधिसूचना शासन द्वारा दिनांक 30.03.2010 को जारी की गयी।
  • परियोजना प्रथम चरण के क्षेत्र में 8880 कुलावा समितियों, 407 अल्पिका जल उपभोक्ता समितियों एवं 398 फेडरेटेड अल्पिका जल उपभोक्ता समितियों एवं 28 रजबहा जल उपभोक्ता समितियों का निर्वाचन कार्य एवं पंजीकरण पूर्ण कराया गया।
  • परियोजना क्षेत्र में नहरों के पुनर्गठन हेतु सिविल कार्यो में 2556 किमी0में मिट्टी के कार्य, 39 डकविल वियर, 5 का्रस रेगुलेटर, 463 गेट, 110 किमी0 पैरेलल अल्पिका एवं 2710 अन्य पक्के कार्य पूर्ण किये गये।
  • नालों के पुनर्गठन हेतु सिविल कार्यों में 2369 किमी0 में मिट्टी के कार्य एवं 398 पक्के कार्य पूर्ण किये गये।
  • सिंचाई विभाग के आधुनिकीकरण/कम्प्यूटरीकरण हेतु डेटा सेन्टर की स्थापना, विभागीय इन्टाªनेट एवं इन्टरनेट हेतु वाइड ऐरिया नेटवर्क, लोकल ऐरिया नेटवर्क स्थापित किया गया।
  • जल संसाधन/भू-गर्भ जल के आंकडों के अनुश्रवण हेतु 500 अॅाटोमेटिक वाटर लेविल रिकाॅडर फिटेड पीजोमीटर एवं 384 मैनुअल श्रेणी के पीजोमीटर,कुल 884 पीजोमीटर परियोजना क्षेत्र में स्थापित किये गये। 91 टोटल स्टेशन/आटोमेटिक लेबल मशीन परियोजना क्षेत्र के फील्ड अभियन्ताओं को उपलब्ध कराये गये। 26 आनलाइन आटोमेटिक वेदर स्टेशन प्रदेश में चिन्हित स्थलों पर स्थापित एवं कार्यशील किये गये।
  • 9 तालाबों को रेन वाटर हार्वेस्टिग हेतु पुनरोद्धार व 18 चेक डैम निर्मित तथा 18 तालाब मत्स्य पालन हेतु विकसित कराया गया। 1949 महिला स्वंय सहायता समूह गठित एवं सुदृढ कराये गये।
  • कृषि के आधुनिकीकरण हेतु धान,गेंहू,सरसों,दलहनों,केला,पपीता,हराचारा,इत्यादि के खेती के विधियों के प्रदर्शन एवं प्रशिक्षण तथा कुक्कुट पालन आदि हेतु प्रशिक्षण/प्रदर्शन किया गया।