संगठन के बारे में

मध्यगंगा नहर गंगा नदी पर जनपद बिजनौर स्थित चैधरी चरण सिंह मध्यगंगा बैराज से निकली है। परियोजना के अन्तर्गत चैधरी चरण सिंह मध्यगंगा बैराज का निर्माण किया गया है। 1297.43 किमी0 लम्बाई की प्रस्तावित वितरण प्रणाली शीर्ष क्षमता 234 क्यूमेक(8280 क्यूसेक) का निर्मित की गई है। नहर प्रणाली द्वारा वर्षा ऋतु में गंगा नदी में उपलब्ध अतिरिक्त जल का प्रयोग धान की सिंचाई हेतु किया जाता है। इस परियोजना द्वारा खरीफ में ऊपरी गंगा नहर के कमाण्ड क्षेत्र में वर्तमान नहरों को अतिरिक्त जल उपलब्ध कराकर 1,14,000 हैक्टेयर तथा गाजियाबाद बुलन्दशहर एवं अलीगढ़ जनपदों में असिंचित खाकी क्षेत्र में कुल 2,56,000 हैक्टेयर कृषि योग्य क्षेत्र में नई नहर प्रणाली का निर्माण कर 64,000 हैक्टेयर सिंचन क्षमता का सृजन कर खरीफ/धान की सिंचाई की जाती है। परियोजना द्वारा वर्ष 1988 से निरन्तर खरीफ फसली में पानी चलाया जा रहा है।

प्रमुख अभियन्ता सिंचाई विभाग उत्तर प्रदेश लखनऊ के कार्यालय ज्ञाप संख्या 1594/3/ई-5 नोडल/पुर्नगठन/मध्यगंगा द्वितीय चरण/कार्य व्यवस्था दिनांक 10.07.2008 के द्वारा समानान्तर ऊपरी गंगा नहर के समस्त कार्य एवं माट फीडर से सम्बन्धित समस्त कार्य (नहर वितरण प्रणाली) मुख्य अभियन्ता(गंगा) के नियंत्राधीन अलीगढ खण्ड गंगा नहर अलीगढ़ं को स्थानान्तरित करने के फलस्वरूप इस संगठन की एक मात्र लखावटी शाखा प्रणाली के अन्तर्गत प्रस्तावित सींच 46,566 हैक्टेयर है। यह सींच जनपद हापुड बुलन्दशहर एवं अलीगढ में खरीफ फसली में करायी जाती है। वर्ष 2015-16 खरीफ 1423 फसली में निर्धारित सींच के लक्ष्य 57,000 हैक्टेयर के सापेक्ष 56.509 हैक्टेयर क्षेत्र में सींच हुई है। खरीफ 1423 फसली से पूर्व सिल्ट सफाई का लक्ष्य प्रमुख अभियन्ता एवं विभागाध्यक्ष सिंचाई विभाग उत्तर प्रदेश लखनऊ से अनुमोदन प्राप्त है जिसके अनुसार विभागीय मद के अन्तर्गत 65.60 किमी0 के राजवाहा एवं 41.80 किमी0 की अल्पिकाओं को रु0 32.13 लाख से सिल्ट सफाई करायी गयी है। जिसके सापेक्ष अल्पिकाओं की विभागीय मद के अन्तर्गत 65.60 किमी0 के राजवाहा एवं 41.80 किमी0 की अल्पिकाओं में सिल्ट सफाई का कार्य कराया गया है। वर्ष 2015-16 खरीफ 1423 फसली में सींच का लक्ष्य 57,000 हैक्टेयर एवं 125 टेल फीडिंग का लक्ष्य निर्धारित था। जिसके सापेक्ष सींच का लक्ष्य लगभग पूरा कर लिया गया है।

वर्ष 2012-13 तेरहवें वित्त आयोग के अन्तर्गत मध्य गंगा नहर प्रथम चरण की मध्य गंगा मुख्य नहर किमी0 0.00 से किमी0 102.45 तक लखावटी शाखा किमी0 0.00 से किमी 63.940 तक एवं लखावटी शाखा किमी0 63.940 से टेल तक आन्तरिक अनुभाग की पुर्नस्थापना की परियोजना स्वीकृत हुई जिनकी कुल लागत रू0 7463.82 लाख है। जिसके सापेक्ष वर्ष 2012­13 में रू0 1800.00 लाख एवं वर्ष 2013­14 में रु0 4678.00 लाख यानी कुल रु0 6478.00 लाख की धनराशि प्राप्त हुई थी जिसका उपयोग मुख्य नहर किमी0 0.00 से किमी0 102.45 तक लखावटी शाखा किमी0 63.940 से टेल तक की आन्तरिक अनुभाग की पुर्नस्थापना का कार्य कराया जा चुका है।

लखावटी शाखा में भारी मात्रा में सिल्ट जमा होने के कारण खरीफ फसली के नहर संचालन में कठिनाई होती है तथा कृषकों समुचित मात्रा में सींच हेतु पानी नही मिल पाता है जिसके लिए लखावटी शाखा के किमी0 0.00 से किमी0 63.940 तक पुर्नस्थापना हेतु एक परियोजना तैयार की गयी है जिसकी लागत रु0 946.68 लाख है। जिसे मुख्य अभियन्ता समिति द्वारा अनुमोदित किया जा चुका है धनावंटन उपरान्त लखावटी शाखा की पुर्नस्थापना का कार्य करा दिया जायेगा। परियोजना के मुख्य कार्य का विवरण निम्न प्रकार हैः-

  • शीर्ष कार्य(मध्य गंगा बैराज)- बैराज की लम्बाई 582.50 मी0 अधिकतम बाढ़ निस्तारण क्षमता 17,000 क्यूमैक बैराज का क्लीयर वाटरवे 504.00 मी0 तथा दो कैनाल रेगूलेटर(बाया तथा दाया तट) हैं।
  • मुख्य मध्य गंगा नहरः- नहर की शीर्ष क्षमता 234 क्यूमैक(8280 क्यूसेक) है तथा नहर की लम्बाई 115.45 किमी0 है।
  • लखावटी शाखा एवं वितरण प्रणालीः- निर्गमन स्थल- मध्य गंगा नहर के किमी0 84.30 पर है। शाखा की अधिकतम निस्सरण क्षमता 2,225 क्यूसेक लम्बाई 73.45 किमी0 वितरण प्रणाली की कुल लम्बाई 942.64 किमी0 तथा सिंचन क्षमता 46.566 हैक्टेयर(धान) है।
  • माट ब्रांच फीडर एवं वितरण प्रणालीः- निर्गमन स्थल ऊपरी गंगा नहर के किमी0 240.00 पर है तथा शाखा का अधिकृत निस्सरण क्षमता 2720 क्यूसेक है। इस प्रणाली के रखरखाव गंगा संगठन मेरठ द्वारा किया जा रहे है।