संगठन के बारे में

पूर्वी गंगा संगठन के अन्तर्गत कार्या का संक्षिप्त विवरण।

सिंचाई कार्य मण्डल, मुरादाबाद।

1. अफजलगढ़ सिंचाई खण्ड, धामपुर।

पीली नहर प्रणाली

पीली नहर प्रणाली द्वारा जनपद बिजनौर में सिंचाई सुविधा उपलब्ध करायी जाती है। इस नहर प्रणाली की नहरें पीली जलाषय एवं कालागढ़ बांध से रामगंगा फीका दोआब फीडर के माध्यम से पोशित होती है। नहर प्रणाली की कुल लम्बाई 228.246 कि0मी0 है। इस प्रणाली के अन्तर्गत कुल कृशि योग्य क्षेत्रफल 31834 हैक्टेयर है, जिसके अन्तर्गत रबी फसल में 10552 हैक्टेयर एवं खरीफ फसल में 7101 हैक्टेयर सिंचन क्षमता सृजित है। रामगंगा फीका दोआब फीडर की षीर्श पर अधिकृत निस्सरण 250 क्यूसेक्स है एवं पीली जलाषय से सीधे पोशित जटपुरा नहर की अधिकृत निस्सरण क्षमता 64 क्यूसेक्स है।

तुमरिया नहर प्रणाली-

तुमरिया नहर प्रणाली द्वारा जनपद मुरादाबाद में सिंचाई सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है। तुमरिया नहरें उत्तराखण्ड सिंचाई विभाग के नियन्त्रणाधीन तुमरिया जलाषय से पोशित होती है। इन नहरों की कुल लम्बाई 356.765 कि0मी0 है। तुमरिया नहरों के अन्तर्गत कुल कृशि योग्य क्षेत्रफल 48,563 हैक्टेयर है, जिसके अन्तर्गत खरीफ फसली में 14,489 हैक्टेयर एवं रबी में 11,603 हैक्टेयर सिंचन क्षमता सृजित है। तुमरिया नहर की षीर्श पर अधिकृत निस्सरण क्षमता 725 क्यूसेक्स है।

बिजनौर नहर प्रणाली-

बिजनौर नहरों द्वारा जनपद बिजनौर में सिंचाई सुविधा उपलब्ध करायी जाती है। इस नहर प्रणाली के अन्तर्गत नगीना नहर खो, सुखरो नदी पर वियर/रेगुलेटर के माध्यम से सीधे नदी से पोशित होती है। नगीना नहर का षीर्श पर अधिकृत निस्सरण 95 क्यूसेक्स है एवं नहरों की कुल लम्बाई 58.66 कि0मी0 है। बिजनौर नहरों के अन्तर्गत दूसरी छोटी नहर प्रणाली नहटौर नहरें है, जिनका जल पोशण गांगन नदी पर निर्मित वियर/रेगुलेटर के माध्यम से सीधे नदी से होता है। नहटौर नहर प्रणाली की कुल लम्बाई 26.444 कि0मी0 है।
उपरोक्त दोनो छोटी नहर प्रणालियों को सम्मिलित करते हुए बिजनौर नहरों का कुल कृशि योग्य क्षेत्रफल 10,330 हैक्टेयर है, जिसके सापेक्ष रबी फसली में 2582 हैक्टेयर एवं खरीफ फसली में 3616 हैक्टेयर सिंचन क्षमता सृजित है।

रामपुर नहर प्रणाली, रामपुर नहर खण्ड, रामपुर।

जनपद का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 2,35,360 हेक्टेयर एवं कुल कृशि योग्य क्षेत्रफल 1,11,190 हेक्टेयर है। पी0पी0ए0 खरीफ 37972 तथा रबी 29768  हेक्टेयर है। जनपद रामपुर की नहर प्रणाली रियासत के समय की है तथा लगभग 100 वर्श से अधिक पुरानी है। समस्त नहर प्रणालियॉ नदियों पर छोटे रेगुलेटर, वीयर, बैराज व मिट्टी के बंधे बनाकर निकाली गयी है। जनपद मे 18 नहर प्रणालीयॉ है, जो मुख्यतः कोसी, पीलाखार, भाकडा, सैजनी, धीमरी, बहल्ला, नाहल किछिया, डकरा, कलियाणी, कलईया आदि नदियों से पोशित होती है। नहरों मे जल उपलब्धता नदियां में उपलब्ध जल पर निर्भर करती है। कम वर्शा होने से नदियों में कम जल उपलब्ध रहता है, फलस्वरूप नहरां के लिये कम पानी उपलब्ध रह पाता है। जनपद में निम्नानुसार नहर प्रणालियॉ है :

क्र0सं0 षीर्श का नाम नहर प्रणाली का नाम जलाषय का नाम
1 बहल्ला रेगूलेटर बहल्ला नहर प्रणाली तुमडिया जलाषय,काषीपुर
2 लालपुर वीयर कोसी नहर प्रणाली तुमडिया जलाषय, काषीपुर
3 घूघा अस्थाई बंध घूघा नहर प्रणाली सीधे नदियों से पोशित
4 डकरा रेगूलेटर डकरा नहर प्रणाली बौर जलाषय
5 मीरापुर बंध किछिया नहर प्रणाली बौर जलाषय
6 नसरतनगर रेगूलेटर अपर सैजनी नहर प्रणाली हरिपुरा जलाषय
7 धीमरी रेगुलेटर धीमरी नहर प्रणाली हरिपुरा जलाषय
8 भिड़ईया रेगूलेटर भिड़ईया नहर प्रणाली सीधे नदियों से पोशित
9 भाकडा वीयर भाकडा नहर प्रणाली हरिपुरा जलाषय
10 जान्सकट रेगूलेटर जांस्कट नहर प्रणाली सीधे नदियों से पोशित
11 कलईया रेगूलेटर कलईया नहर प्रणाली सीधे नदियों से पोशित
12 वगईया रेगूलेटर वगईया नहर प्रणाली सीधे नदियों से पोशित
13 कैमरी बैराज पीलाखार नहर प्रणाली बौर जलाषय

इसके अतिरिक्त नाहल नहर प्रणाली(पीपली डैम) बौर जालषय से एवं लोअर नहर प्रणाली हरिपुरा से पोशित होती है, जिनके षीर्श रेगूलेटर क्षतिग्रस्त है तथा सीधे नदियों से पोशित हाने वाली बरई, गागन एवं पुषबाडा के षीर्श रेगूलेटर क्षतिग्रस्त है।

विभिन्न जलाषयों से 72 नहरें एवं सीधे नदियों से 21 नहरें पोशित होती है। उत्तराखण्ड राज्य के अधीन जलाषयां एवं सीधे नदियों से निम्नानुसार नहरें पोशित है।

  • बौर जलाषयः-उत्तराखण्ड राज्य के जनपद उधमसिंह में सिंचाई खण्ड, रूद्रपुर के निर्माणाधीन बौर जलषय स्थित है। इस जलाषय से जुनार स्लूस से जुना फीडर में पानी आता है। इस फीडर नहर पर जुनार स्लूस से 200 मीटर डाउन स्ट्रीम मे जुनार रेगूलेटर कम फाल बना हुआ था, जिससे पानी बौर नदी मे डाला जाता था। 40 किमी दूरी तय करने के उपरान्त बौर नदी पीलाखार नदी में मिल जाती है, जिससे रामपुर जनपद में पीलाखार नदी पर बने कैमरी बैराज के माध्यम से दायी पीलाखार एवं बायी पीलाखार सिस्टम की कुल 10 नहरों की सींच होती है। बौर जलाषय स्पिल-वे क्रस्ट का लेविल 777.50 फिट व जुनार स्लूस का लेविल 745.00 फिट है। बौर जलाषय में पानी उपलब्ध होने पर 777.50 फिट से ऊपर का पानी स्पिल-वे से बौर नदी में डाला जाता है और बौर नदी से पीलाखार नदी में पानी आने पर पीलाखार सिस्टम की नहरें पोशित होती हे। परन्तु 777.50 फिट से जलाषय का लेविल कम होने पर पानी रामपुर जनपद की नहरों को नही मिल पाता है। इसके अतिरिक्त बौर जलाषय से ककराला स्लूस से किछिया नहर प्रणाली की 3 एवं डकरा प्रणाली की डकरा नहर इससे पोशित होती है।

  • हरिपुरा जलाषयः- उत्तराखण्ड राज्य के जनपद ऊधमसिंह नगर में सिंचाई खण्ड, रूद्रपुर के निर्माणाधीन हरिपुरा जलाषय स्थित है। हरिपुरा जलाषय मे पानी कम है। इससे 19 नहरे पोशित होती है।

  • तुमडिया जलाषयः- तुमडिया जलाषय से बहल्ला प्रणाली की 6 नहरें पोशित होती है, तथा कोसी प्रणाली की 27 नहरें पोशित होती है।

  • सीधे नदियॉ से पोशितः- जान्सकट प्रणाली की 4 नहरें, कलईया प्रणाली की 7, बगईया प्रणाली की वगईया नहर घूघा प्रणाली की 4 नहरें सीधे नदियों से पोशित होती है।

जनपद रामपुर में कोसी नहर प्रणाली के विस्तार, रिमोडलिंग एवं आधुनिकीकरण (ई0आर0एम0) के अन्तर्गत कोसी नदी पर रामपुर बैराज के निर्माण की परियोजना।

जनपद रामपुर में दिनांक 19 अक्टूबर, 2013 को माननीय मुख्यमंत्री जी उ0प्र0 सरकार, लखनऊ द्वारा रामपुर आगमन एवं लैपटॉप वितरण कार्यक्रम के दौरान "जनपद रामपुर में कोसी नदी पर रामपुर बैराज के निर्माण कार्य" की घोषणा की गयी। इस कार्य हेतु कन्सलटेन्ट के माध्यम से परियोजना तैयार कर सिंचाई विभाग, उत्तर प्रदेश की मुख्यालय स्तर पर मुख्य अभियन्ता समिति की बैठक में परियोजना प्रस्तुत की गयी, जिसे मुख्य अभियन्ता समिति द्वारा अनुमोदित/ संस्तुति करते हुये शासन को प्रेषित कर दिया गया।
शासन स्तर पर परीक्षणोंपरान्त दिनांक 12.11.14 को प्रमुख सचिव (वित्त) उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ की अध्यक्षता में सम्पन्न व्यय वित्त समिति की बैठक में उक्त परियोजना रू0 21635.90 लाख के लिये अनुमोदित की गयी। शासनादेश संख्याः 2595/14-27-सिं-4-36 (डब्लू) परि/14, दिनांक 20.11.14 के द्वारा उक्त परियेजना के लिये प्रशासनिक स्वीकृति तदोपरान्त वर्ष 2014-15 में कुल रूपये 1400.00 लाख तथा वर्ष 2015-16 में कुल रूपये 3000.00 लाख का धनावंटन शासन स्तर से जारी किया जा चुका है। दिनांक 25.03.2015 को अनुबन्ध गठन के उपरान्त बैराज निर्माण हेतु आवश्यक प्रबन्ध किये जाने तथा कार्य के लिय आवश्यक मशीनरी आदि के प्रबन्ध करने हेतु अनुबंध के अनुसार सम्बन्धित फर्म को अग्रिम दिये जाने, भूमि, स्टील शीट पाइल्स क्रय करने एंव अधिष्ठान आदि मद में कुल रूपये 4400.00 लाख की धनराशि व्यय की जा चुकी है। दिनांक 25.03.15 को मण्डल कार्यालय में तत्कालीन अधीक्षण अभियन्ता, सिंचाई कार्य मण्डल, मुरादाबाद द्वारा अनुबंध गठन के उपरान्त कार्य सम्बन्धित फर्म द्वारा माह मई, 2015 तक कार्य हेतु आवश्यक मशीनरी आदि के प्रबन्ध व मोबीलाईजेशन कार्य किये गये। माह जून, 2015 से माह अक्टूबर, 2015 तक वर्षाकाल में कोसी नदी में जल प्रवाह रहने के कारण कार्यस्थल पर कार्य से सम्बन्धित प्रगति बाधित रही है। इस परियोजना की स्वीकृति नाबार्ड से करने हेतु प्रकरण नाबार्ड को प्रेषित किया जा चुका है। आवश्यक निर्माण सामग्री के एकत्रीकरण, मशीनरी एवं टूल्स आदि के कार्यस्थल पर स्थापना का कार्य प्रगति पर है तथा बैचिंग प्लांट स्थापित कर दिया गया है। कार्यस्थल पर निर्माण कार्य प्रगति में है। कार्य स्थल पर बैराज निर्माण हेतु फॉउन्डेशन की खुदाई, डाइवर्जन बंध का निर्माण तथा डिवाटरिंग आदि कार्य प्रगति पर है। अनुबंध के अनुसार कार्य समाप्ति की तिथि 24.03.2018 है।  निर्माण कार्य प्रगति में है।

2.     सिंचाई खण्ड, मुरादाबाद।
रामगंगा नहर प्रणाली

रामगंगा नहर प्रणाली के अन्तर्गत दो नहरें है जिनसे जनपद मुरादाबाद, बिजनौर, जे0पी0 नगर को सिंचाई सुविधा होती है।

रामगंगा पोशक नहर-

रामगंगा हरेवली बैराज के दॉये किनारे पर स्थित निर्मित हेड रेगुलेटर से रामगंगा पोशक नहर निकलती है जिसका अधिकृत डिस्चार्ज 5350 क्यूसेक है। यह नहर 10.40 कि0मी0 लम्बाई के बाद खो नदी में मिलती है जहॉ 2.00 कि0मी0 नदी में चलकर षेरकोट कस्बे के पास स्थित खो बैराज के दॉये किनारे से रामगंगा पोशक नहर ऑफ-टैक चैनेज 12.40 कि0मी0 निकलती है। यह पोशक नहर चैनेज 81.71 कि0मी0 के बाद धनौरा ब्लाक के अन्तर्गत बाह्न नाले में लगभग 20 कि0मी0 चलने के बाद तिगरी के पास गंगा नदी में मिल जाती है।

उप-पोशक नहर व रामगंगा नहर प्रणाली-

    

खो बैराज से रामगंगा पोशक नहर एवं उप पोशक नहर क्षमता 250 क्यूसैक का भी निर्गमन होता है। उप पोशक नहर लम्बाई 21.60 कि0मी0 के अन्त से रामगंगा नहर प्रणाली की लम्बाई 46.26 कि0मी0, हैड डिस्चार्ज 231 क्यूसेक्स तथा रामगंगा नहर के कि0मी0 2.81 से महमूदपुर राजवाहा लम्बाई 30.70 कि0मी0, हैड डिस्चार्ज 90 क्यूसेक्स निकलता है। पूर्व में रामगंगा नहर प्रणाली वर्श 1930 में निर्मित पम्प कैनाल सिस्टम द्वारा चलाई जाती थी, जो वर्श 1972 में खो बैराज के निर्माण के बाद उपपोशक नहर के माध्यम से पोशित होती  है।  रामगंगा  मुख्य  नहर  के चैनेज 20.92 कि0मी0 से ऊमरी राजवाहा लम्बाई 19.12 कि0मी0 तथा हैड डिस्जार्च 52 क्यूसेक्स  निकलता है। इस नहर प्रणाली में 29 माइनर है जिनकी लम्बाई 101.22 कि0मी0 है। इस नहर प्रणाली से बिजनौर का 9316 हैक्टेयर, मुरादाबाद का 12666 हैक्टेयर एवं अमरोहा का 9907 हैक्टेयर कुल मिलाकर 31889 हैक्टेयर कृशि योग्य क्षेत्रफल लाभान्वित होता है। जिसके सापेक्ष रबी में 12118 हैक्टेयर एवं खरीफ में 10204 हैक्टेयर सृजित सिंचन क्षमता है।
नहर प्रणालियों के अन्तर्गत 32 नहरें है जिनकी चलित लम्बाई 218.90 कि0मी0 है मुख्य नहर सम्मिलित नहीं है।

बाढ कार्य

सिंचाई कार्य मण्डल, मुरादाबाद के अर्न्तगत जनपद मुरादाबाद, रामपुर, बिजनौर एवं अमरोहा के बाढ़ कार्य देखे जाते है।

सिंचाई कार्य मण्डल, मुरादाबाद के अर्न्तगत जनपद मुरादाबाद, रामपुर, बिजनौर एवं अमरोहा के नालो का अनुरक्षण किया जाता है।

पूर्वी गंगा नहर निर्माण, मण्डल, बिजनौर/हरिद्वार

पूर्वी गंगा नहर परियोजना

    पूर्वी गंगा नहर परियोजना की मूल परियोजना लागत रू 48.46 करोड़ वर्श 1977 में बनी थी, जिसके अन्तर्गत 48.55 किमी0 लम्बाई मे मुख्य नहर, 155.17 किमी0 की पॉॅच षाखायें तथा 1367.52 किमी0 की वितरण प्रणाली का निर्माण किया गया। इस परियोजना की प्रषासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति उत्तर प्रदेष सरकार के पत्र 5785/ैंठं/77/23-4, दिनांक 08.11.1977 ंदक दवण्2840/ैंठं78/23/सिं-4/ 100-डब्लू/74, दिनांक 29.06.1978 द्वारा प्रदान की गई। परियोजना भारत सरकार (प्लानिंग कमीषन) के पत्र सं0 3/180/79/1, दिनांक 1980 द्वारा स्वीकृत की गई। परियोजना के पश्टम संषोधन की वर्श 2009 में धनराषि रू 892.44 करोड की भारत सरकार (प्लानिंग कमीषन) के पत्र सं0 2(180)/2009-ॅत्, दिनांक 22.01.2010 द्वारा स्वीकृत हुई। परियोजना पूर्ण हो चुकी है। तथा इसकी पूर्णता रिपोर्ट मुख्य अभियन्ता (पूर्वी गंगा) द्वारा सितम्बर 2009 मे षासन को प्रेशित की जा चुकी है। परियोजना के कुछ अवषेश एवं तदुपरान्त स्थानीस कृशकों द्वारा की गई मांग के आधार पर परियोजना के अवषेश कार्यों की परियोजना गठित की गई। जिसके कार्य प्रगति में है।

इस परियोजना का वित्त पोशण ।प्ठच् द्वारा किया गया। परियोजना पर रू 795.51 करोड़ का व्यय परियोजना प्राविधानित कार्यों पर करके 105 हजार हेक्टेयर के सापेक्ष 104.76 हजार हेक्टेयर सिंचित क्षेत्रफल का सृजन हो चुका है एवं विगत वर्शों में वर्श 1992 से इस परियोजना द्वारा कृशकां को सिंचाई सुविधा प्रदान कर सरकार को राजस्व की प्राप्ति हो रही है।

बाढ़ कार्य मण्डल, बरेली।
बदायूँ सिचाई परियोजनाः-

गंगा तथा रामगंगा नदियों के मध्य में स्थित बरेली, बदायूॅे के असिंचित क्षेत्रो को सिचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देष्य से यह योजना प्रस्तावित की गयी है। बरेली जनपद मे रामगंगा नदी पर 617 मी0 लम्बा बैराज बनाकर बरेली जनपद की आंवला, बदायूँं जनपद की दातागंज तहसीलों मे सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराया जाना प्रस्तावित है। परियोजना के अन्तर्गत 15.60 कि0मी0 मुख्य नहर, 73.60 किमी0 षाखायें तथा लगभग 380.00 किमी0 राजवाहो एवं अल्पिकाओं का निर्माण प्रस्तावित है। परियोजना के अन्तर्गत जनपद बरेली की सदर एवं आंवला तहसील मे 6706 है0 एवं जनपद बदायूॅ की तहसील दातागंज मे 30747 है0 कुल सिंचित क्षेत्र 37.453 है0 प्रस्तावित है। मुख्य नहर के षीर्श पर अधिकतम डिस्चार्ज 67 क्यमेक प्रस्तावित है। परियोजना की लागत मूल आधार वर्श 2011 पर रू 630.04 करोड तथा लाभ लागत अनुपात  1.36ः1 है। परियोजना व्यय वित्त समिति की दिनांक 27.04.2012 की बैठक मे स्वीकृत की जा चुकी है।

परियोजना नाबार्ड के पत्रांक-छठन्च्त्ध्224 त्प्क्थ्.ग्टप्प्प्;न्जजंत च्तंकमेद्धध्128च्ैब्ध्2012.13 दिनांक 28.08.2012 के द्वारा रू 53728.34 लाख की स्वीकृति प्रदान की गई है। परियोजना प्रस्तावित कार्यों में 26.00 किमी0 लम्बाई के अफलक्स बांधों में से लगभग 23.800 किमी0 लम्बाई मे अफलक्स बंधों का कार्य पूर्ण कराया जा चुका है। वर्तमान में बैराज का निर्माण, मुख्य नहर एवं बरखेडा षाखा तथा इन पर पड़ने वाले पुल-पुलियों का निर्माण कार्य प्रगति में है।

बाढ़ कार्य

बाढ़ कार्य मण्डल, बरेली के अन्तर्गत जनपद बदायूँ, बरेली व आंषिक रूप से जनपद सम्भल के बाढ़ कार्य देखे जाते है।

बाढ़ कार्य मण्डल, बरेली के अन्तर्गत जनपद बदायूँ के नालों का अनुरक्षण किया जाता है।

रामगंगा बांध मण्डल कालागढ़

रामगंगा बांध एवं सैडिल बांध रामगंगा बांध मण्डल,कालागढ़ के क्षेत्रार्न्तगत है, जो कि उत्तराखण्ड राज्य के जिला पौड़ी गढ़वाल के कार्बेट टाईगर रिजर्व वन क्षेत्र में स्थित है।

रामगंगा बांध एवं सैडिल बांध का निर्माण कार्य वर्श 1974 में पूर्ण हुआ। रामगंगा बांध परियोजना एक बहुउद्देष्य परियोजना है जिसका उद्देष्य सिंचाई एवं विद्युत उत्पादन के साथ-साथ प्रभावित बाढ़ क्षेत्र को बाढ़ से सुरक्षा प्रदान करना है। रामगंगा नदी का उद्गम जिला चमोली के हिमालय क्षेत्र से हुआ है इस नदी का वर्शा ऋतु में निर्वहन 10000 घन मी0 प्रति सेकेण्ड तक होने के कारण उक्त नदी क्षेत्र में बाढ़ का विषाल रूप धारण कर लिया करती थी। वर्शा ऋतु में बाढ़ का औसतन 240 करोड़ घन मी0 जल प्रत्येक वर्श बेकार ही नहीं जाता था बल्कि काफी बडे़ क्षेत्र जैसे जिला-बिजनौर, जे0पी0नगर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, षाहजहांपुर, बदांयू व फरूखाबाद को हानि भी पहुँचाता था। इस जल सम्पदा के सद्पयोग हेतु रामगंगा बांध,सैडिल बांध एवं 198 मैगावाट की क्षमता का विद्युत गृह का निर्माण प्रस्तावित किया गया। इस परियोजना का निर्माण कार्य सन् 1962 से प्रारम्भ होकर सन् 1974 में पूर्ण हुआ।

इस परियोजना में रामगंगा नदी पर एषिया का सबसे बड़ा 127.50 मी0 ऊँचा मिट्टी व पत्थर का मुख्य बांध निर्मित है, साथ ही 71.35 मी0 ऊँचा सैडिल बांध निचली पर्वतमालाओं में बनाया गया है। इस बांध के जलाषय का पानी बांध के नीचे बने विद्युत गृह से होकर रामगंगा नदी में 26 कि0मी0 चलकर हरेवली बैराज पर पहुँचता है जहाँ से 151.5 घन मीटर प्रति सेकेण्ड क्षमता की एक फीडर चैनल द्वारा खो नदी में मिलता है। खो नदी से यह पानी षेरकोट बैराज पर एकत्रित होता है जहाँ से 82 कि0मी0 लम्बी तथा 151.5 घनमीटर प्रति सेकेण्ड क्षमता की मुख्य फीडर का निर्माण किया गया है, जो गंगा नदी में गढ़मुक्तेष्वर से लगभग 10 कि0मी0 ऊपर बाह नाला से होते हुए मिलती है। खो बैराज से एक सब-फीडर 7.36 घन मीटर प्रति सेकेण्ड क्षमता की बनाई गयी है जो 32 राजवाहों व अल्पिकाओं के माध्यम से जिला बिजनौर, जे0पी0नगर, मुरादाबाद के 31889 हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा प्रदान करती है। इस पानी के द्वारा 14 जिलों में 6.0 लाख हेक्टेयर भूमि मे सिंचाई सुविधा दी गयी है। जिससे प्रतिवर्श 3.0 लाख टन अतिरिक्त खाद्यान्न का उत्पादन बढ़ा है। रामगंगा विद्युत गृह से प्रति वर्श औसतन 45 करोड़ यूनिट विद्युत पैदा की जाती है।

रामगंगा बांध कालागढ़ गांव के अपस्ट्रीप में 3 कि0मी0 की दूरी पर उत्तरांखण्ड राज्य के जिला पौडी़ गढ़वाल में स्थित है। कालागढ़ से मुरादाबाद की दूरी 110 कि0मी0 उत्तर पूर्व में है। बांध 290 31’13” के अक्षान्तर पर उत्तर तथा 780 45’ 35” देषान्तर पर पूर्व दिषा में स्थित है।

(एम0पी0एस0 वर्मा)
मुख्य अभियन्ता(पूर्वी गंगा)