दूसरा चरण (प्रगतिशील)

बैंक पोषित उत्तर प्रदेश वाटर सेक्टर रीस्ट्रक्चरिंग परियोजना-2

संक्षिप्त टिप्पणी

उत्तर प्रदेश वाटर सेक्टर रीस्ट्रक्चरिंग परियोजना विश्व बैक के सहयोग से वाटर सेक्टर के पुनर्गठन हेतु चार चरणों में पूरे किये जाने पर मार्च 2002 में सहमति हुई।

उत्तर प्रदेश वाटर सेक्टर रीस्ट्रक्चरिंग परियोजना प्रथम चरण-

उत्तर प्रदेश वाटर सेक्टर रीस्ट्रक्चरिंग परियोजना हेतु निर्धारित कुल चार चरणों में से परियोजना का प्रथम चरण लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, सुल्तानपुर, अमेठी, प्रतापगढ़ एवं जौनपुर जनपदों में मुख्य रूप से नहरों एवं नालाे का पुनरोद्धार/आधुनिकीकरण कार्य पूर्ण कराये गये है।

मुख्य विवरण निम्न प्रकार हैः-

परियोजना प्रारम्भ की तिथि 27.03.2002
परियोजना समाप्ति की तिथि 31.10.2011
परियोजना की मूल लागत (वर्ष 2002) रू0 819.31 करोड़
परियोजना-प्रथम चरण में कुल व्यय रू0 735.82 करोड़
प्राप्त प्रतिपूर्ति रू0 587.64 करोड

उत्तर प्रदेश वाटर सेक्टर रीस्ट्रक्चरिंग परियोजना द्वितीय चरण-

परियोजना का द्वितीय चरण दिनांक 24.10.2013 से प्रारम्भ होकर दिनांक 31.10.2020 तक पूर्ण किया जाना है। द्वितीय चरण परियोजना का संक्षिप्त विवरण निम्न प्रकार हैः-

परियोजना द्वितीय चरण हेतु निचली गंगा नहर प्रणाली, हैदरगढ़ शाखा कि0मी0 22.98 से टेल तथा रोहिनी, जामनी एवं सजनम बांध नहर प्रणाली का चयन किया गया है।

रामगंगा संगठन- निचली गंगा नहर प्रणाली

  • निचली गंगा नहर तथा समानान्तर निचली गंगा पोषक नहर की फर्रूखाबाद शाखा, बेवर शाखा, कानपुर शाखा, पश्चिमी इलाहाबाद शाखा, फतेहपुर शाखा, भोगनीपुर शाखा प्रणालियों का पुनरोद्धार एवं आधुनिकीकरण कार्य।
  • कृषि योग्य क्षेत्रफल-11.08 लाख हेक्टेयर।
  • लाभान्वित 12 जनपद- एटा, फिरोजाबाद, कासगंज, मैनपुरी, फरूखाबाद, इटावा, कन्नौज, औरैया, कानपुर देहात, कानपुर नगर, फतेहपुर, कौशाम्बी।

शारदा सहायक संगठन- हैदरगढ़ शाखा प्रणाली (कि0मी0 22.98 से टेल)

  • शारदा सहायक समादेश क्षेत्र के हैदरगढ़ शाखा प्रणाली (कि0मी0 22.98 से टेल) के पुनरोद्धार एवं आधुनिकीकरण कार्य।
  • कृषि योग्य क्षेत्रफल-0.73 लाख हेक्टेयर।
  • लाभान्वित 03 जनपद-बाराबंकी रायबरेली एवं अमेठी।

बेतवा संगठन- रोहिनी, जामनी एवं सजनम बांध नहर प्रणालियां

  • बुन्देलखण्ड क्षेत्र के रोहिनी, जामनी एवं सजनम बांध नहर प्रणालिया, के पुनरोद्धार एवं आधुनिकीकरण कार्य।
  • कृषि योग्य क्षेत्रफल-0.68 लाख हेक्टेयर।
  • लाभान्वित 01 जनपद-ललितपुर ।

विश्व बैक द्वारा परियोजना द्वितीय चरण के कार्य कराये जाने हेतु कुल लागत रू0 2835.00 करोड़ की सहमति दी गयी। इस लागत का 70 प्रतिशत या रू01984 करोड़, तत्कालीन विनिमय दर के अनुसार SDR 239-4 Million, (US$ 360 million के समतुल्य) विश्व बैक द्वारा के्रडिट स्वीकार किया गया। अवशेष 30 प्रतिशत धनराशि रू0 851 करोड़ राज्य सरकार द्वारा वहन की जानी है। आवश्यकतानुसार परियोजना के कार्यो की लागत में वृद्धि आदि के कारण अतिरिक्त क्रेडिट स्वीकृत किये जाने पर मिड टर्म रिव्यू में निर्णय लिये जाने पर सहमति बनी।

विश्व बैंक से ऋण की व्यवस्था

विश्व बैंक द्वारा परियोजना द्वितीय चरण हेतु आई0डी0ए0 ¼International Development Association½ के माध्यम से एसडीआर 239.4 मिलियन (यूएस डालर 360 मिलियन) के क्रेडिट की सहमति दी गयी है। आई0डी0ए0 ऋण में 0.75 प्रतिशत की दर से सर्विस चार्जेज लिए जाते हैं, इसके अतिरिक्त अधिकतम कमिटमेन्ट चार्जेज 0.5 प्रतिशत की दर से Unwithdrawn Financing balance पर देय होता है एवं 1.25 प्रतिशत की दर से व्याज का प्राविधान किया गया है।

द्वितीय चरण परियोजना हेतु आई0डी0ए0 द्वारा भारत सरकार के साथ दिनांक 24.10.2013 को Financing Agreement किया गया है जिसमें मुख्यतः ऋण की मूल शर्तें सर्विस चार्जेज तथा कमीटमेन्ट चार्जेज एवं ऋण की वापसी तथा परियोजना में सम्मिलित कार्यो का मुख्य विवरण आदि सम्मिलित है। इसी परियोजना के क्रियान्वयन हेतु दिनांक 24.10.2013 को ही Project Agreement, IDA एवं उत्तर प्रदेश राज्य के मध्य हस्ताक्षरित किया गया है, जिसमें परियोजना क्रियान्वयन की शर्तें प्राक्येरमेन्ट प्रोसिजर्स तथा इम्प्लीमेन्टशन प्रोग्राम आदि सम्मिलित है।

परियोजना के द्वितीय चरण-प्रशासनिक व्यवस्था

प्रथम चरण परियोजना में गठित प्रोजेक्ट एक्टीविटी कोर टीम (पैक्ट) द्वितीय चरण परियोजना में भी यथावत कार्य कर रहा है। द्वितीय चरण में यह संगठन सम्पूर्ण परियोजना का अनुश्रवण एवं मूल्यांकन, विश्व बैंक से समन्वय तथा सभी कार्यदायी विभागों /संगठनों से प्राप्त व्ययों के सापेक्ष विश्व बैंक से प्रतिपूर्ति प्राप्त करने का कार्य कर रहा है। इसी प्रकार प्रथम चरण परियोजना में गठित अधिशासी समिति तथा स्टीयरिंग समिति, द्वितीय चरण परियोजना में भी यथावत कार्य कर रहे है।

पैक्ट संगठन मात्र अनुश्रवण एवं मूल्यांकन, विश्व बैंक के साथ समन्वय तथा विश्व बैंक से धन की प्रतिपूर्ति की कार्यवाही कर रहा है। सिंचाई विभाग से सम्बन्धित समस्त कार्य सम्बन्धित संगठनों के मुख्य अभियन्ताओं द्वारा कराए जा रहे है। इसी प्रकार कृषि विभाग, भूगर्भ जल विभाग, राज्य ग्राम्य विकास संस्थान, लखनऊ तथा रिमोट सेसिंग एप्लीकेशन सेन्टर लखनऊ द्वारा परियोजना में अपने से सम्बन्धित प्राविधानित कार्यो को कराया जा रहा है।

परियोजना द्वितीय चरण में माह जनवरी, 2016 तक की गयी भौतिक प्रगति का विवरण निम्न प्रकार हैः-

  • समानान्तर निचली गंगा नहर के आधुनिकीकरण एवं पुनरोद्धार के अन्तर्गत मिट्टी के कार्य पूर्ण कर नहर की क्षमता को 4200 क्यूसेक से बढ़ाकर 6480 क्यूसेक की गई और बढ़े हुए डिस्चार्ज से माह जून 2014 से संचालित किया गया।
  • उक्त नहर में लाईनिंग के कार्यो हेतु 10 लाट में निविदाये आमंत्रित कर अनुबन्ध हस्ताक्षरित किये जा चुके है। लाईनिंग कार्यो की अनुबन्धित लागत लगभग रु0 1104 करोड़ है, कार्य प्रगति पर है।
  • शारदा सहायक संगठन के अन्तर्गत हैदरगढ़ शाखा प्रणाली (कि.मी. 22.98 से टेल) तक के पुर्नस्थापना कार्यो हेतु रु0 134.66 करोड़ की लागत का अनुबन्ध हस्ताक्षरित किया गया है, कार्य प्रगति पर है।
  • हैदरगढ़ शाखा शीर्ष पर Supplementary Head Regulator का कार्य पूर्ण करा कर हैदरगढ़ शाखा से जोड दिया गया है। उक्त कार्य के निर्माण से हैदरगढ़ शाखा प्रणाली को 800 क्यूसेक अतिरिक्त जल की निकासी रेगुलेटर से हो रही है। यह अतिरिक्त जल सिंचाई के प्रयोग में लाया जा रहा है।
  • बेतवा संगठन के अन्तर्गत ललितपुर जनपद में रोहणी, जामनी, सजनम बाध नहर प्रणालियों के पुर्नस्थपना कार्यो हेतु रु0 165.11 करोड़ की लागत का अनुबन्ध हस्ताक्षरित किया गया है, कार्य प्रगति पर है।
  • सहभागी सिंचाई प्रबन्धन¼PIM½%&-
    • इसके अन्तर्गत परियोजना क्षेत्र में जल उपभोक्ता समितियों के गठन का कार्य प्रगति पर है।
    • पिम मैनुअल शासन द्वारा माह जून 2014 में निर्गत।
    • सहभागी सिंचाई प्रबन्धन नियमावली से सम्बन्धित अधिसूचना भी जारी की जा चुकी है।
  • विभाग में बाढ़ प्रबन्धन सूचना प्रणाली केन्द्र की स्थापना का कार्य प्रगति पर।
  • स्वारा संगठन के अन्तर्गत प्रदेश के 8 मुख्य बेसिन में रिवर बेसिन अस्सेमेन्ट एण्ड प्लान विकसित करने हेतु कन्सल्टेन्ट से अनुबन्ध हस्ताक्षरित।
  • मुख्य अभियन्ता गंडक द्वारा कार्यालयों के रेनोवेशन कार्य, राप्ती नदी एवं उसकी सहायक नदियों के क्राससेक्शन का कार्य प्रगति पर।
  • पैक्ट संगठन के अन्तर्गत कार्यो के अनुश्रवण एवं गुण नियंत्रण से सम्बन्धित कन्सल्टेन्सीज़ का कार्य प्रगति पर।
  • सज्जा एवं सामग्री संगठन द्वारा नरौरा बैराज के आधुनिकीकरण एवं स्वचालित व्यवस्था की स्थापना का कार्य प्रगति पर।
  • भूगर्भ जल विभाग द्वारा भूगर्भ जल के अनुश्रवण हेतु 200 Digital Automatic Water level Recoder (DAWLR) की आपूर्ति प्राप्त कर स्थापना का कार्य पूर्ण किया जा चुका है एवं 700 DAWLR की आपूर्ति हेतु निविदा का कार्य प्रगति पर।
  • कृषि विभाग द्वारा कृषि उपज बढाने हेतु फील्ड स्तर पर प्रदर्शनों का कार्य प्रगति पर। Farmer Water School स्थापित कर कृषकों की श्रमता वृद्धि हेतु टेकनिकल असिस्टेन्स कन्सल्टेन्सी हेतु Food and Agriculture Organisation ¼FAO½ के साथ अनुबन्ध हस्ताक्षरित एवं कार्य प्रारम्भ।
  • राज्य ग्राम्य विकास संस्थान द्वारा परियोजना क्षेत्र में जागरुकता अभियान का कार्य प्रगति पर।

परियोजना के अन्तर्गत कार्यदायी संगठन/विभाग का विवरण निम्न प्रकार है-

क्रम. सं.विभाग/संगठन
 सिंचाई विभाग के संगठन
1 मुख्य अभियन्ता, रामगंगा, सिंचाई विभाग उ.प्र0 कानपुर
2 मुख्य अभियन्ता, बेतवा, सिंचाई विभाग उ.प्र0 झाॅसी
3 मुख्य अभियन्ता, शारदा सहायक, सिंचाई विभाग उ.प्र0 लखनऊ
4 मुख्य अभियन्ता, आई.एस.ओ., सिंचाई विभाग उ.प्र0 लखनऊ
5 मुख्य अभियन्ता ,पैक्ट, सिंचाई विभाग उ.प्र0 लखनऊ
6 मुख्य अभियन्ता, स्वारा लखनऊ
7 मुख्य अभियन्ता, एवं निदेशक वाल्मी, लखनऊ
8 मुख्य अभियन्ता, गण्डक, सिंचाई विभाग उ.प्र0 गोरखपुर
9 मुख्य अभियन्ता, जल संसाधन, सिंचाई विभाग उ.प्र0 लखनऊ
10 मुख्य अभियन्ता, अनु0 एवं नियो0, सिंचाई विभाग उ.प्र0 लखनऊ
11 मुख्य अभियन्ता, सज्जा एवं सामग्री, सिंचाई विभाग उ.प्र0 लखनऊ
12 मुख्य अभियन्ता, परिकल्प, सिंचाई विभाग उ.प्र0 लखनऊ
लाईन विभाग
1 भू गर्भ जल विभाग, उ0प्र0 लखनऊ
2 कृषि विभाग, उ0प्र0 लखनऊ
3 रिमोट सेन्सिग एप्लीकेशन सेन्टर लखनऊ
4 राज्य ग्राम्य विकास संस्थान लखनऊ